माया ( भाग -8) जब कोई किसी को प्यार या रिश्ते में धोखा दे देता है तो धोखा खाने वाला व्यक्ति जीवन में कभी भी नार्मल जीवन नहीं जी पाता उसमे एक परमानेंट समस्या पैदा हो जाती है। उसके दिमाग़ के इमोशन वाले हिस्से में एक स्थिर विचारों का लूप बन जाता है , वह हालाँकि कुछ सालो में धीरे धीरे सक्रिय विचारों से पैसिव विचारों में चला जाता है , लेकिन जब भी वह व्यक्ति नशा कर लेता है या अकेला बिना काम के बैठा होता है तो वह विचारों का लूप फिर से सक्रिय विचारों में प्रकट हो जाता है। इस विचारों के लूप से उस व्यक्ति में एक नेगेटिव ऊर्जा उत्पन होती है जो उसे हर समय परेशान करती है, यदि किसी समय यह निगेटिव ऊर्जा बहुत ज़्यादा बढ़ जाए तो व्यक्ति मानसिक या शारीरिक रूप से उसे बीमार कर देती है। बहुत बार मैंने कई लोगो की जन्म कुंडली अध्ययन से यह पाया है यदि किसी को लगातार कई दिन सिरदर्द हो रहा हो लेकिन उसका कोई मेडिकल कारण नहीं मिल रहा हों तो यह तय है कि उसके दिमाग़ में यह नेगेटिव विचारों का लूप ऐक्टिव है। जिससे उसे बार बार माइग्रेन हो रहा है। यदि इस समस्या पर समय रहते ध्यान ना दिया जाए तो इस कारण व्यक्ति का हार्मोनल सिस्टम बिगड़ सकता है जिसके साइड इफ़ेक्ट से ब्लड प्रेशर, सुगर यदि स्त्री हो तो पीरियड गड़बड़, पीसीओडी जैसी समस्या उत्पन्न होने के चांस बन जाते हैं। लेकिन मैंने यह समस्या ख़ासकर उन लोगो में देखी है जिनका वृहस्पति उच्च या अच्छा पड़ा हो। क्योंकि ऐसा व्यक्ति ख़ुद भी ईमानदार होता है और अपने प्रेमी या रिश्तेनातों में ईमानदारी की आशा रखता है, जबकि संसार में ऐसा होता नहीं इसी कारण ऐसे व्यक्ति इमोशनल रूप से जल्दी आहत हो जाते हैं। जिसका वृहस्पति ख़राब पड़ा हो और शनि राहु अच्छा तो ऐसा व्यक्ति स्वार्थी होता है और स्वार्थी व्यक्ति भावनात्मक रूप से कभी दुखी नहीं होता बल्कि दूसरों को आहत करके प्रसन्न होता है। अब इस समस्या का क्या उपाय है तो मैं आपको बता देता हूँ इस संसार में इस समस्या का साधारण सोच वाले व्यक्ति के लिये कोई भी उपाय संभव नहीं। यदि व्यक्ति बहुत ज़्यादा वैचारिक रूप से उन्नत है उसके लिये कुछ उपाय कुछ हद्द तक संभव है ये क्या उपाय है ये मैं माया सीरीज के भाग 9 में लिखूँगा। #माया_सीरीज_गोपाल_कपूर2 आप इस टैग लाइन को क्लिक करके मेरी माया सीरीज के बाक़ी लेख आसानी से सर्च करके पढ़ सकते है।
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