माया ( भाग तीन):- जब कोई पुरष किसी स्त्री से संबंध बनाता है मान लो जैसे किसी की शादी हो जाए। तो बस उसी पल से स्त्री या माया की छुपी हुई एक इंस्टिक्ट बिना विचारे या दिमाग से सोचे एक्टिवेट हो जाती है। वह स्त्री या माया अपनी शक्तियों का इस्तेमाल पुरष पर सौ प्रतिशत काबू कैसे किया जाए उस पर काम करना शुरू कर देती है और आम बुद्धि का पुरष यही सोचता रह जाता है जीवन भर कि अगर स्त्री न होती तो मेरा कया होता। इस बात को मैं बहुत आध्यात्मिक तरीके से न समझा कर कुछ उदाहरणों से बताता हूं। 1 जैसे पहले एक अकेला रहने वाला पुरष रोज नहाने के बाद जहां अपना तोलिया और अंडर गारमेंट हमेशा सूखने डालता था और रोज वहीं से उठाता था कभी उसका न तोलिया गायब हुआ न अंडर वियर। लेकिन शादी होने के बाद या लिव इन रिलेशनशिप के बाद, सबसे पहला पंगा यहीं से शुरू होता है कि उसका तोलिया और अंडर गारमेंट उसे ढूंढने से नही मिलते क्योंकि स्त्री घर आते ही सबसे पहले केयर करने के नाम पर अनजाने में उसका तोलिया और अंडर गारमेंट छुपा कर रखना शुरू कर देती है, ताकि जब भी पुरष को उसकी जरूरत हो तो उसे अपनी पत्नी या gf को ही पूछना पड़े। इस प्रकार से स्त्री छोटी छोटी बातों के लिए उस व्यक्ति को अपने ऊपर निर्भर बना कर उसकी रग रग से परिचय कर लेती है। फिर उसी को अपना हथियार बना कर उसके जीवन में पहले से मौजूद अपने सारे विरोधियों को उसके जीवन से दूर कर देती है। जैसे ही पुरष या मोह उस स्त्री या माया के पूरी पकड़ में आ जाता है। उसके बाद असली खेल शुरू होता है। फिर माया या स्त्री उस पुरष से अपना फोकस हटा लेती है और किसी और नई योजना पर कार्य शुरू कर देती है। अब आम मनुष्य मोह माया के इस जंजाल को समझ नही पाता और जीवन भर इसी में उलझा रहता है। आप कभी प्रैक्टिकल कर के देखना कोई महत्वपूर्ण बात मन में या कुछ रुपए अपने घर में किसी कोने में छुपा कर रख देना और पत्नी या मां को मत बताना। फिर देखना या आपकी पत्नी साफ सफाई के बहाने अनजाने में बिना दिमाग से सोचे उसी घर के कोने में तब तक सफाई करती रहेगी जब तक उसके हाथ आपकी छुपाई वस्तु या पैसे उसको नही मिल जाते या वह आपके आगे पीछे घूमी रहेगी जब तक आप अपने मन में छिपाई बात उसको नही बता देते। #माया_सीरीज_गोपाल_कपूर2
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