माया ( पार्ट चार) बड़ी कंपनी कैसे स्थापित करके उसे कामयाबी तक पहुंचाएं। इसका ज्योतिष और मेडिकल आधार पर विश्लेषण:- जब मैने 2010 में मैने एसडीओ की सरकारी नौकरी छोड़ी थी, उससे काफी पहले शराब की बार में बैठ कर कई योजनाएं बनाई कि एक बड़ी कंपनी खोल कर उसका सीईओ कैसे बना जाए। इस योजना में मेरे बहुत से सहायक रोज बार में बैठ कर मेरे साथ दारु के छह सात पेग पी कर रोज योजना बनाते थे। रोज बड़ी बड़ी योजनाएं तो बन जाती थी लेकिन अगली सुबह हैंगओवर के कारण उन पर कार्य नहीं हो पाता था। लेकिन यह क्रम कई सालों तक जारी रहा , क्योंकि उस समय मेरी ग्रह दशा में राहु का अच्छा खासा प्रभाव चल रहा था। क्योंकि यह दारू बार की यूनिवर्सिटी में सिर्फ राहु से प्रभावित लोगों को ही रिजर्वेशन के आधार पर दाखिला मिलता है। लेकिन न मैं न मेरे सहायक मित्र कभी हार नही मानते थे जो मर्जी हो जाए लेकिन रोज नई योजना पर शाम होते ही दुबारा मीटिंग शुरू हो जाती थी, रोज सात आठ हजार का बिल देने के बाद बिलकुल निश्चित हो जाते थे कि बस कल सुबह से तो फट्टे चक ही देंगे। लेकिन कभी हैंगओवर कभी उल्टियां होने से सारी योजना धरी की धरी रह जाती थी। फिर अगले दिन फिर शाम तक कोई नींबू पानी और सिगरेट फूंक फूंक कर अपनी तबियत ठीक करके, शाम को फिर अपने काम पर जुट जाते थे। यह कार्यवाही लगभग 2002 से 2010 तक निर्बाध रूप से जारी रही। फिर 2010 में मैने नौकरी छोड़ दी और उन सारी मीटिंग्स से इक्कठा किया ज्ञान इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जबकि मुझे पता था कि ऐसी बार में दारू के साथ बनी योजनाएं कोई भी बड़ी कंपनी स्थापित नही कर सकती, इसके लिए कोई अच्छी बैटरी का सहारा होना बहुत जरूरी है, क्योंकि माया या शक्ति या नारी के बिना संसार नही चल सकता। और बड़ा व्यापार या बड़ी योजना का चलना भी एक माया ही होती है। लेकिन इन सब बातों के लिए दारू के बार पेग पी कर समझा गया ज्ञान बहुत काम का होता है। क्योंकि वही हमारी व्यापार जगत के ज्ञान की असली पाठशाला होती है। जबकि स्कूल कॉलेज में समझा गया ज्ञान सिर्फ नौकरी करने का ज्ञान मात्र देता है। लेकिन यह ध्यान होना बहुत जरूरी है की दारू के बार में ली गई शिक्षा का समापन समय रहते हो जाना चाहिए। नही तो कुछ लोग सारी उम्र बुढ़ापे तक जेएनयू के छात्रों की तरह पढ़ाई ही करते रह जाते हैं और कुछ लोग मेरे उन मित्रों की तरह दारू की बार की यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ही बने रहते हैं। अब मर्जी आपकी आप या सारी उम्र दारू के बार की यूनिवर्सिटी के छात्र बने रहें या वहीं के प्रोफेसर बने रहें। या समय रहते अपनी शिक्षा संपूर्ण करके जीवन की असली फील्ड में आकर, किसी माया या स्त्री या शक्ति का सहारा लेकर , माया से कैसे खेलना है यह सीख कर अपना आगे का प्लान एक्जीक्यूट करें। लेकिन ध्यान रखें अगर आप को माया या स्त्री या शक्ति को ठीक से हैंडल करना नही आया तो आपको उस शक्ति रूपी बैट्री की वोल्टेज सही रूप से नही मिलेगी और शॉर्ट सर्किट होने के कारण आप जीवन में ऊर्जा विहीन हो सकते है और फिर से वापिस उसी दारू के बार में दुबारा से अपने पुराने वहीं के प्रोफेसर मित्रों के बीच पहुंच सकते हैं। या आप अपूर्ण इच्छाओं के साथ संपूर्णता प्राप्त करने के लिए सन्यास या भक्ति की ओर भी मुड़ सकते है, फिर जिसकी कुंठा आपके गले में विशुद्ध चक्र को ब्लॉक करके आपको नीलकंठ महादेव के दर्शनों के लिए लालायित कर सकती है। कृपया मेरे इस लेख में नारी शक्ति का अर्थ लुच्ची सोच से न समझे, शक्ति किसी भी रूप में आपका साथ दे सकती है चाहे मां या बहन या पत्नी या gf या किसी और रूप में। ये जो जितने दारू बार में प्रोफेसर हैं या अपूर्ण इच्छाओं के साथ संपूर्णता प्राप्त करने के इच्छुक संन्यासी हैं ये सभी बैटरी वोल्टेज के शॉर्ट सर्किट के कारण बने हुए लोग होते हैं। हां शौक के लिए कभी कभार दारू बार में बैठना अलग बात है। #माया_सीरीज_गोपाल_कपूर2
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